आजकल एक प्रथा हो गयी है
जहा काही भी राजनेता सभा को संबोधित करने जाते है वह पे पहेले उनका पघड़ी
पहेनाकर ओर हाथ मे तलवार देकर स्वागत किया जाता है ओर वो राजनेता खुल्ली
तलवार हवा मे दिखाकर फोटो भी खिंचवाता है.....जब भी मै ऐसे फोटो देखता हु
तो मन मे बहोत सवाल खड़े होते है क्या corruption से लिपटे हुए आज के नेता
तलवार ओर पघड़ी की कीमत उसका मतलब समजते है...क्या उन्हे पता भी है की तलवार
म्यान से कब ओर क्यू निकली जाती
है...क्या वो सब नेता इस के हकदार है...धर्म,देश ओर संस्कृति ओर देश की
जनता की इफाजत के लिए म्यान से निकाल ने वाली तलवार आज कल इन नेता ओ के हाथ
मे अपने आपको अपमानित महेसूस करती है॥अंदर ही अंदर घुटती रहेती है माँ
भवानी....तलवार ओर पघड़ी के लिए सिर्फ ओर सिर्फ देश,धर्म ओर जनता के लिए
क़ुरबानी ददेनेवाले राजपूतो ,सीखो ओर मराठा के सिवा कोई हकदार नहीं
है...........जय माताजी....जय राजपूतना......
Monday, December 2, 2013
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મોદીજી અને વૈચારિક વિકાસ..
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