राजपूत की जिंदगी देश ओर
समाज ओर जनता के लिए होती है अगर ये उनके लिए कम नहीं आयी तो एक राजपूत का
इस धरती पर जन्म लेना व्यर्थ है...सिर्फ खुदके लिए जीना राजपूती धर्म के
खिलाफ है इसलिए जब जहा जरूर पड़े अपनी इस जिंदगी को समाज की एकता ओर विकास
के काम मे खर्च करना ही हमारी जिंदगी की सबसे बड़ी सफलता ओर सार्थकता
है......जय माताजी....जय राजपूतना........
Saturday, October 26, 2013
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મોદીજી અને વૈચારિક વિકાસ..
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